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रविवार, 15 फ़रवरी 2026

शिव वंदना : चौपाई छंद

महादेव शंकर त्रिपुरारी।।

नीलकंठ रुद्र गंगाधारी।।1।।


जटा जूट शशि, शोभित माथा।।

कटि बाघम्बर, डमरू हाथा।।2।।


नगेश अधिपति नाथ दयाला।।

कंठन साजे भुजंग माला।।3।।


नंदी वाहन गिरीश सुहाए।।

महाकाल देह भस्म रंगाए।।4।।


आदि कैलाश, डमरू बाजे।।

आदि शंकर, तांडव नाचे।।5।।


भगीरथ तप, नाथ मनभाया।।

गंगा मुक्त करी जगत तारा।।6।।


आदि देव, हालाहल पीना।।

महात्रासन जग रक्षा कीना।।7।।


जो नर भजे, शिवा केदारा।।

कष्ट हरे हो भवसागर पारा॥8।।


प्रभु आशुतोष चित भक्ति भाये।।

भक्तन पर बहु कृपा बरसाये।।9।।


भक्त वत्सल हैं अडिग तू जाना।।

त्रिनेत्र महेश शिव भगवाना।।10।।


@ बलबीर राणा 'अडिग'

शनिवार, 9 अप्रैल 2022

माँ दुर्गा अराधना


 

माँ आदिशक्ति भगवती,
बुद्धी शक्ति ज्ञान दे।।
समभाव समरस भावना का,
मानवता वितान दे।।


हर पुत्र यत्नशील हो,
जन-जन में तेरी भक्ति हो।
नित निलय अर्चना हो तेरी,
मनु दीन दुःख से मुक्त हो।।
 
अपनत्व हर दिल में धड़के,
बंधुत्वा वरदान दे।
लड़ सकूं अर्धम रण मैं,
ऐसा नैतिक भान दे।।
 
माँ आदिशक्ति भगवती.........
 
देवमाता भवमोचनी,
कण-कण में तेरा वास है।
भवप्रीता, भवानी, दुर्गा
सारा भुवन तेरा दास है।।
 
वत्स वत्सला चित्तरूपा,
चित चैतन्य नव निर्माण दे।
पा सकूं चितवृति निरोध,
सत्यपथ संज्ञान दे।।
 
माँ आदिशक्ति भगवती.........
 
नारायणी मोक्षदायनी तू,
भक्त वत्सल ममतामयी।
दुष्ट दानव घातिनी तू,
शस्त्र शास्त्र धारणी।।
 
अधिष्ठात्री जगत जननी,
सर्वमंगल मांगल गान दे।
सुख शांति हो वतन हमारा ,
शुभ सुमंगल वितान दे।
 
माँ आदिशक्ति भगवती.........
 
सस्वती, सुरसुन्दरी माँ,
माहेश्वरी कृपाश्वरी।
लक्ष्मी, सती, सावित्री,
विश्वेश्वरी भुवनेश्वरी।
 
अपर्णा, अनेकवर्णा,
सत्कर्म बुद्धी विधान दे।
कल्याण हो भक्तों का तेरे ,
ऐसा अभय वरदान दे।।


माँ आदिशक्ति भगवती,
बुद्धी शक्ति ज्ञान दे।।
समभाव समरस भावना का,
मानवता वितान दे।।


@ बलबीर राणा अडिग