दामन दमक रहा है
आँगन चमक रहा है
भौतिक संसाधनो का रौब है
लेकिन
प्रेम धागा
कमजोर
मानव वृति
खिंच रही
अपने वजूद के लिए
रिश्तों ने
औपचारिकता का दामन थाम लिया
और
मैं
मैं ही गर्दन उठाता नजर आता .....
© सर्वाधिकार सुरक्षित
आँगन चमक रहा है
भौतिक संसाधनो का रौब है
लेकिन
प्रेम धागा
कमजोर
मानव वृति
खिंच रही
अपने वजूद के लिए
रिश्तों ने
औपचारिकता का दामन थाम लिया
और
मैं
मैं ही गर्दन उठाता नजर आता .....
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